फसलें चर रहे आवारा मवेशियों से परेशान किसानों ने सचिवालय व गौशाला में जड़े ताले
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फसलें चर रहे आवारा मवेशियों से परेशान किसानों ने सचिवालय व गौशाला में जड़े ताले

कोंच। फसलें चर रहे आवारा मवेशियों से परेशान और समस्या की अनदेखी कर रहे ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी व प्रशासन से नाराज विकास खंड नदीगांव के ग्राम गड़ेरना के सैकड़ों किसानों के धैर्य का बांध सोमवार को टूट गया। आक्रोशित किसानों ने मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए गांव के सचिवालय और गौशाला में ताले जड़ दिए। समाचार लिखे जाने तक मौके पर कोई भी अधिकारी नहीं पहुंच सका और सचिवालय व गौशाला में ताले लगे रहे। उक्त मामले को लेकर तहसीलदार आलोक कटियार से जब पूछा गया तो उनका कहना है कि मामले की अभी जानकारी मिली है, खंड विकास अधिकारी को मौके पर जाकर समुचित कार्रवाई करने को कहा गया है।
उक्त पूरा मामला खंड विकास नदीगांव क्षेत्र के ग्राम गड़ेरना का है जहां के किसान इन दिनों अन्ना जानवरों द्वारा खेतों में घुसकर फसलें नष्ट किए जाने से परेशान हैं। किसी भी स्तर पर सुनवाई न होने और अन्ना जानवरों से निजात मिलती न देख सोमवार को किसानों के सब्र का बांध आखिर टूट गया। जीतू ठाकुर, शिववीर सिंह, विजय शुक्ला, महेंद्र यादव, पप्पू राजावत, अनुज द्विवेदी, श्याम शुक्ला, बलराम दोहरे, मुन्ना दोहरे, मोहित राजावत, हरिराम दोहरे, मुन्ना दोहरे आदि सैकड़ों किसानों ने गांव में बने सचिवालय व गौशाला के गेट पर ताले जड़ दिए तथा प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी व प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के जमकर नारे लगाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। किसानों का कहना है कि पिछले कई दिनों से अधिकारियों व सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी अन्ना जानवरों पर रोक नहीं लगाई गई जिससे खेतों में बोई गई धान, तिल, उड़द, मूंग आदि की सैकड़ों बीघा फसल इन अन्ना जानवरों ने चट कर डाली जिससे किसान बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है। आक्रोशित किसानों का कहना है कि बारिश के मौसम में किसान अपनी फसल खेतों पर बैठकर आखिर कैसे बचा सकता है। किसानों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि समस्या का जल्द ही निस्तारण किया जाए। अब देखना होगा कि इस मामले में प्रशासन क्या कदम उठाता है।

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