सीएम शिवराज सिंह चौहान ने साबित किया बहुमत

भोपाल –  मध्य प्रदेश विधानसभा में मंगलवा को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से पेश किए गए विश्वास मत प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही एक दिन पुरानी चौहान सरकार ने सदन में बहुमत साबित कर दिया।

 

 

 

चौहान ने विशेष सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही प्रारंभ होने के बाद विश्वास मत पेश किया, जिसे आसंदी पर आसीन सभापति जगदीश देवड़ा ने पारित कराने के लिए मतदान की औपचारिकता कराई। सदन में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस का एक भी सदस्य मौजूद नहीं था।

 

 

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इस दौरान हुए मतदान में विश्वास मत को ध्वनिमत के जरिए सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। भाजपा के वरिष्ठ विधायक डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि बसपा सपा और निर्दलीय विधायकों ने भी विश्वास मत के पक्ष में मतदान किया।इसके पहले शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि

 

 

 

 

राज्यपाल ने सरकार को पंद्रह दिनों के अंदर सदन में बहुमत साबित करने के लिए कहा था। इसलिए वे विश्वास मत पेश कर रहे हैं। साथ ही चौहान ने कहा कि उनकी सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता मौजूदा हालातों में कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकना है।

 

 

 

इस दिशा में कल उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद ही आवश्यक कदम उठाना प्रारंभ कर दिए हैं। सभापति देवड़ा ने विश्वास मत प्रस्ताव पारित होने के बाद सदन की कार्यवाही 27 मार्च, शुक्रवार को सुबह

 

 

 

11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।मध्य प्रदेश के नए मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस होंगे, सामान्य प्रशासन विभाग ने इसका आदेश जारी किया है। आज ही वे कार्यभार ग्रहण करेंगे, 1985 बैच के आईएएस अफसर हैं। इकबाल सिंह बैंस को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का भरोसेमंद अफसर माना जाता है।

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