Wed. Sep 18th, 2019

फुटपाथ पर ही सिमट कर रह गई लौहपीटों की जिंदगी

कदौरा। नगर क्षेत्र में बीस वर्षों से फुटपाथ पर झोपड़ी बनाकर जीवन यापन कर रहे लौहपीटा परिवारों तक सरकार की सुविधाएं कब पहुंचेंगी इसका कोई अंदाजा नहीं। इनके लिए न तो मनरेगा और न कोई आवास फिर कैसे हो विकास। ज्ञातव्य हो कि कदौरा नगर व क्षेत्र में दो दशकों से लौहपीटा लोगों का परिवार अविकाश का दंश झेल रहा है।

 

नगर में कदौरा हाइवे पर आधा दर्जन लौहपीटा परिवार फुटपाथ पर वर्षों से गुजर बसर कर रहा है जिसमें बेवा पार्वती पत्नी लड्डू, अंशु पत्नी मंगल व कारी पत्नी बुद्धि तीन परिवार व उनके बच्चे बीस वर्षों से फुटपाथ पर ही अपनी झोपडिय़ां बनाकर लोहा पीट कर अपनी जिंदगी गुजर बसर कर रहे हैं।

 

यह जरुर पढ़े :- जिलाधिकारी सहित दो शिक्षाधिकारियों को आईकॉन अवार्ड से किया गया सम्मानित

 

उक्त तीनों परिवारों में सभी निरक्षर हैं व सरकार की किसी भी योजना का लाभ इन तक नहीं पहुंचा। युवा मंगल द्वारा बताया गया कि साहब हम इतना पढ़े ही नहीं कि सरकार कि योजनाओं का लाभ ले पाएं।

 

रहने के लिए कालोनी आवंटित हुई तो खुद की जगह न होने पर उक्त राशि भी लौट गई। एेसा कोई रोजगार नहीं है कि बच्चों का ढंग से पालन पोषण हो सके या उन्हें पढ़ा लिखा सकें। दो दशकों से इन परिवारों में इतना भी विकास नहीं हो सका कि इनको भी सरकार की आवासीय योजना का लाभ मिल पाता।

 

फिलहाल अशिक्षित व गरीबी से जूझने के कारण उक्त लोग किसी सुविधा को पाने के लिए खुद को हारा महसूस करते हैं। उक्त परिवारों के हालात हर मौसम में बदतर ही रहते हैं। सर्दी हो या बरसात हर मौसम में बच्चों से लेकर बुजुर्गों को मशक्कत का सामना करना पड़ता है।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: