पाक्सो एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, हत्या, डकैती आदि मामलों में अविलम्ब प्रभावी कार्यवाही करना सुनिश्चित करें : जिलाधिकारी
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पाक्सो एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, हत्या, डकैती आदि मामलों में अविलम्ब प्रभावी कार्यवाही करना सुनिश्चित करें : जिलाधिकारी

झांसी- जिलाधिकारी  अविनाश कुमार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश एस. के साथ संयुक्त रूप से विकास भवन सभागार में अभियोजन समिति की बैठक कर अधिक से अधिक वादो का निस्तारण के सम्बन्धित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उपस्थित शासकीय अधिवक्ताओं से एक-एक वादों के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
इस दौरान जिलाधिकारी ने शासकीय अधिवक्ताओं से कहा कि पास्को एक्ट व महिला उत्पीड़न के नए मुकदमों में यदि अधिवक्ताओं द्वारा एक या दो माह में सुनवाई पूरी करते हुए दोषियों को सजा दिलाई जाती है तो सम्बन्धित शासकीय अधिवक्ता को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होने जनपद न्यायालयों या अन्य दूसरे न्यायालयों में लम्बित वादो को सूचीबद्ध करते हुए अधिक से अधिक वादो का निस्तारण कराए जाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि जो वाद बहस के योग्य हो उसमें प्रभावी बहस तथा जिसमें बहस हो चुकी हो उसमें कार्यवाही करना सुनिश्चित किया जाये। उन्होने वादो के निस्तारण में गवाहों की उपस्थिति सौ फीसदी हो ताकि अधिक से अधिक वादो में अभियुक्तों को सजा दिलायी जाना सुनिश्चित किया जा सके।
जिलाधिकारी ने अभियोजन अधिकारियों एवं शासकीय अधिवक्ताओं से कहा कि गैंगस्टर, महिलाओं और बच्चों से संबंधित आपराधिक मामलों का निर्धारित समयावधि के अंतर्गत निस्तारण कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शासन के मंशानुरूप महिलाओं व बच्चों के विरुद्ध अपराधों से संबंधित वादों में शीघ्रता लाते हुए गवाहों को बुलाकर न्यायालय में वादो को तय कराकर अभियुक्त को अधिक से अधिकतम सजा दिलाई जाए। उन्होंने वादों की समीक्षा के दौरान लंबित मामलों की सूची तैयार करते हुए उन पर अधिक फोकस करें ताकि लंबित मामलों का निस्तारण कराया जाना सुनिश्चित किया जा सके।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि शासन के निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन किया जाए। उन्होंने विवेचक द्वारा विवेचना गुणवत्ता के साथ करने के निर्देश दिए ताकि वाद को प्रभावी ढंग से न्यायालय में रखा जा सके और दोषियों को सजा दिलाई जा सके। उन्होने कहा कि महिलाओं से संबधित अपराध, हत्या, अपहरण, बलात्कार जैसी घटनाओं का चार्ट अलग बनाया जाए। उन्होंने पास्को एक्ट में पैरोकार की व्यवस्था करने के निर्देश देते हुए कहा कि लक्ष्य निर्धारित करते हुए अधिक से अधिक दोषियों को सजा दिलाया जाना सुनिश्चित किया जाए जिससे अपराधियों को यह मैसेज जाए कि छोटे से छोटा अपराध करने पर भी वह सजा से बच नहीं सकते।
अभियोजन कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने उपस्थित शासकीय अधिवक्ताओं से उनके एक-एक वाद की जानकारी ली और प्रभावी बहस करते हुए दोषियों को सजा दिलाए जाने की निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पास्को एक्ट के मुकदमों में अधिवक्तागण मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए अधिक से अधिक दोषियों को सजा दिलाएं। उन्होंने शासकीय अधिवक्ताओं द्वारा वादों के निस्तारण में अच्छा प्रदर्शन करने वालों की प्रशंसा की और उनका उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इसी लगन और प्रेरणा के साथ कार्य करें ताकि हर छोटे से छोटे अपराधी को भी सजा दिलाई जा सके।
समीक्षा बैठक में प्रर्वतन कार्यों से सम्बन्धित विवरण, आबकारी अपराधों के नियन्त्रण के लिए मारे गए छापों का विवरण, कृषि प्रकोष्ठ द्वारा न्यायालय भेजे गए मामले, खाद्य अप मिश्रण निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई, श्रम विभाग से संबधित विवरण पत्र मिशन शक्ति से सम्बन्धित मामले पाक्सों एक्ट, जुवैनाइल एक्ट, आर्म्स एक्ट, एक्साईज एक्ट आदि पर गहन समीक्षा कर प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया गया। उन्होंने कहा कि जनपद के अपराधियों में कानून का भय होना अनिवार्य है, अधिवक्ता गण ऐसी पैरवी करना सुनिश्चित करें।
इस दौरान बैठक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश एस, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री गोपीनाथ सोनी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन श्री अरुण कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक अभियोजन श्री देशराज सिंह, श्री सूर्य प्रकाश पाठक विशेष लोक अभियोजक, श्री विजय सिंह कुशवाहा डीजीसी, श्री मृदुलकांत श्रीवास्तव डीजीसी, श्री संजय पाण्डेय एडीजीसी, श्री अतुलेश कुमार सक्सेना एडीजीसी, श्री रवि प्रकाश गोस्वामी एडीजीसी अधिवक्ता सहित समस्त जिला शासकीय अधिवक्तागण, सहायक शासकीय अधिवक्ता विशेष लोक अभियोजक, एपीओ आदि उपस्थित रहे।