गुरसरांय तालाब सुंदरीकरण के नाम अधूरा काम छोड़ घोर पेयजल संकट को दिया न्योता, शासन ले जल्द संज्ञान
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गुरसरांय तालाब सुंदरीकरण के नाम अधूरा काम छोड़ घोर पेयजल संकट को दिया न्योता, शासन ले जल्द संज्ञान

रिपोर्ट-शौकीन खान/कौशल किशोर गुरसरांय

गुरसरांय (झांसी)। नगर गुरसरांय का एकमात्र तालाब सीढ़ियां निर्माण तथा सुंदरीकरण के चलते सुखा दिया गया है। जिससे तालाब के आसपास के दो मोहल्ले में कुए तथा हैंड पंप सूख गए हैं। इन क्षेत्रो में भीषण पेयजल संकट व्याप्त हो गया है।
इस क्षेत्र के रहने वाले लोग ने अभी गहरी बोरिंग करा रहे है। ताकि उन्हें जरूरत का पानी मिल सके।गुरसरांय का यह एकमात्र बड़ा तालाब माता मंदिर पर स्थित है उसके विकास एवं सौन्दरीकरण हेतु तीर्थ विकाश योजना के तहत निर्माण कार्य चल रहा है। कच्छप गति से हो रहे निर्माण कार्य के चलते अभी ग्राउंड लेवलिंग पर भी काम चल रहा है। इसके पूर्व इस तालाब को खाली करने के लिए एक महीने का समय लिया गया। जबकि 20 जून को क्षेत्र में मानसून की दस्तक हो जाती है। यदि 20 जून तक तालाब का निर्माण काम पूर्ण ना हो सका तो बरसात में तलाव कैसे भरा जा सकेगा। नगर के प्रबुद्ध नागरिकों मनोहर लाल नेवालकर, दीपू ,सुशील आदि ने बताया कि तालाब के सूख जाने से उनके घरों के हैंडपंप तथा कुए सूख गए हैं भीषण पेयजल संकट से गुजरना पड़ रहा है। यदि निर्माण कार्य के नाम पर ज्यादा समय तक तालाब को खाली रखा गया तो उन लोगों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। वैसे भी नगर गुरसरांय पेयजल संकट के रूप में जाना जाता है ।तालाब भरा रहने पर नगर के निचले भाग के चार मोहल्ले के हैंडपंप तथा कुए भरे रहते थे। लेकिन निर्माण कार्य के चलते तालाब को खाली कर लिया गया अब निर्माण कार्य की गति इतनी धीमी है की बरसात आने से पूर्व सुंदरीकरण पूरा हो जाए ऐसा संभव नहीं दिख रहा है। जिससे लोगों की चिंताएं बढ़ गई है। लोगों को आशा थी कि बरसात के पूर्व तालाब का सुन्दरीकरण का काम पूर्ण हो जाएगा जिससे तालाब को बरसात के पानी से भरा जा सकेगा और लोगों को पेयजल हेतु कोई परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी ।लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति को देखते हुए अब ऐसा संभव प्रतीत नहीं हो रहा है जिससे नागरिकों की चिंताएं बढ़ गई है।