रिपोर्ट-शौकीन खान/कौशल किशोर गुरसरांय

गुरसरांय (झांसी)।मुहल्ला धनाई में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन भगवान के नाम जप की महिमा का वर्णन किया गया।
कथा सुनाते हुए हुए पं कृष्णा शास्त्री वृंदावन ने कहा कि भगवान के नाम जप में वह शक्ति है जो बड़े से बड़े पातकों का उद्धार कर देती है।उन्होंने कहा कि अजामिल ने अपने पुत्र के माध्यम से धोखे से नारायण का नाम लिया और उसका उद्धार हो गया।उन्होंने अष्टांग योग का वर्णन करते हुए कपिल उपाख्यान सुनाया।उन्होंने कहा कि ध्यान लगाने के लिए सबसे पहिले आसन को जीतें।इसके बाद सम्पूर्ण इंद्रियों को वश में रखते हुए परमात्मा का ध्यान लगाएं।
कथा की आरती परीक्षित श्रीमती राम कुमारी एवं राजेन्द्र कुमार सोनी ने की।इस मौके पर चंद्रप्रकाश सोनी,जयप्रकाश, राकेश कुमार सोनी,रामप्रताप,रूपेश,भानु,अरविंद, आशीष,आयुष,शुभ सोनी ,संतोष गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

झाँसी उत्तर प्रदेश

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