पनवाड़ी /महोबा ता. 28 अक्टूबर 2023 (आश्विन शुक्ल पूर्णिमा) दिन शनिवार अश्विनी नक्षत्र में लगने वाला ग्रहण भारत में भी दिखेगा।
ज्योतिषाचार्य पं पियूष कांत जी महाराज( बनारस) ने बताया कि यह ग्रहण भारतीय समयानुसार 1 बजकर 5 मिनिट रात से लगेगा,जिसका मध्य रात 1 बजकर 44 मिनिट और मोक्ष रात 2 बजकर 24 मिनिट पर होगा।ग्रहण की कुल अवधि 1 घंटा 19 मिनिट रहेगी।
ग्रहण सूतक काल समय- चन्द्रग्रहण का सूतक ग्रहण के 9 घंटे पूर्व शुरु हो जाता है अत: भारतीय समयानुसार चन्द्रग्रहण का सूतक शाम 4 बजकर 5 मिनिट पर आरम्भ हो जायेगा। इस ग्रहण में चंद्रबिम्ब दक्षिण की तरफ से ग्रस्त होगा।
ज्योतिषाचार्य पियूष कांत जी ने बताया कि इस दौरान आपको किसी भी प्रकार का मांगलिक कार्य,स्नान,हवन और भगवान की मूर्ति का स्पर्श नही करना चाहिए। इस समय आप अपने गुरु मंत्र, भगवान नाम जप, श्री हनुमान चालीसा कर सकते हैं। सूतक काल के दौरान भोजन बनाना व भोजन करना भी उचित नही है, हालांकि सूतक काल में गर्भवती स्त्री,बच्चे, वृद्धजन भोजन कर सकते हैं ऐसा करने से उन्हें दोष नही लगेगा।
क्या है ग्रहण का राशियों पर प्रभाव- मेष- विश्वासघात, वृष- हानि, मिथुन-सफलता, कर्क-लाभ, सिंह- अपव्यय, कन्या-मित्रकष्ट, तुला- व्यर्थ तनाव, वृश्चिक- मित्रमिलन, धनु- भय, मकर- हानि, कुम्भ- संतानसुख, मीन- असफलता।।
विश्व में कहाँ- कहाँ दिखाई देगा ग्रहण- चन्द्रग्रहण भारत, आस्ट्रेलिया, सम्पूर्ण एशिया, यूरोप, अफ्रीका, दक्षिण- पूर्वी अमेरिका, उत्तरी अमेरिका, कैनेडा, ब्राजील, एटलांटिक महासागर में यह ग्रहण दिखाई देगा। भारत में यह ग्रहण शुरुआत से अंत तक दिखाई देगा।।

झाँसी उत्तर प्रदेश

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