गुरसरांय में धूमधाम से मनाया जा रहे है दश लक्षण पर्यूषण पर्व
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गुरसरांय में धूमधाम से मनाया जा रहे है दश लक्षण पर्यूषण पर्व

रिपोर्ट-शौकीन खान/कौशल किशोर गुरसरांय

गुरसरांय (झांसी)।श्री 1008 पारसनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर गुराई बाजार गुरसरांय में बड़े धूमधाम से दश लक्षण पर्यूषण पर्व मनाया जा रहा है दश लक्षण प्रदूषण पर्व के पांचवें दिन उत्तम सत्य धर्म के अवसर पर आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज के शिष्य पंकज के सानिध्य मे प्रातः श्री 1008 पारसनाथ भगवान का अभिषेक शांतिधारा व आरती के बाद श्री 1008 शांति नाथ महामंडल विधान का आयोजन किया गया सौ धर्में इन्द अजय सिंघई,के द्वारा भगवान को पांडव शिला पर विराज मान किया भगवान का प्रथम चार कालशो से अभिषेक करने का सौभाग्य सुनील सिंघई, हुकुमचंद जैन सेरिया, विजय सिंघई,उत्कर्ष सिंघई को प्राप्त हुआ शांतिधारा करने का सौभाग्य अमित जैन टोड़ी व अनिकेत मोदी को मिला आरती का सौभाग्य अजय सिंघई संध्या सिंघई को प्राप्त हुआ भिन्ड से पधारे हुए पंकज भैया ने अभिषेक शांति धारा आरती के पश्चात श्री 1008 शांतिनाथ महामंडल विधान के मंडल पर चार सौभाग्यवती महिलाओं से कलश की स्थापना करवा के विधान का बड़ी भक्ति के साथ मधुर वाणी से विधान का आरंभ कर विधान में सुर संगीत आगरा से आये संगीतकार विवेक एण्ड पार्टी ने अपनी मधुर बीड़ा से भक्तों का मन विभोर किया भक्त झूमते हुए भक्ति करते नजर आये। इस मौके पर दीपक जैन नुनार,शुभम अकोढी,मनीष सिंघई,अजय सिंघई,नेहिल सिंघई,मिन्टू सेरिया, कल्लू सेरिया,ललित जैन,साहिल जैन,संजीव,नमन सिंघई,पदम जैन,मुदित,सक्षम,अनंत, राजकुमार मोदी,अमित तोड़ी सुनील सिंघई,सजल, चक्रेश जैन, सन्टू जैन,गुलाबचंद जैन,महेंद्र सिंघई,हुकुमचंद जैन,डीकू जैन, आलोक सरसैड़ा,सीटू जैन, अनिकेत जैन,सौम्या जैन,सेजल जैन,महक जैन,संगीत,अंजू, सरोज,राखी जैन,विनीता जैन, नीलम जैन,मंजू जैन,सुरभी, रंजना सिंघई सभी सेकडों की संख्या मे महिला,पुरुष,बच्चों ने बड़ी धूमधाम हर्षोल्लास के साथ शांतिनाथ विधान का विधिवत समापन किया।दिगंबर जैन समाज के चक्रेश जैन ने कहा कि लोग का दूसरा अशक्ति होता है किसी भी वस्तु की प्रति अधिक आसक्ति होना भी नीची गति प्राप्त करना है व्यक्ति की सबसे अधिक आसक्ति शरीर के प्रति होती है जिनकी आसक्ति वह देह से करता है उतनी अगर आत्मा से करने लगे तो व्यक्ति का कल्याण हो सकता है उन्होंने कई दृष्टांतों के माध्यम से असक्ति के दर परिणाम व अनासक्ति के लाभ के बारे में जानकारी दी।

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