रिपोर्ट-शौकीन खान/कौशल किशोर गुरसरांय

गुरसरांय (झांसी)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसरांय इन दिनों झांसी जिले में ही नहीं बल्कि प्रदेश में अवस्थाओं को लेकर अब्बल है जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है तो दूसरी ओर योगी सरकार को और प्रदेश के उप मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक से लेकर उत्तर प्रदेश शासन का यहां पर कोई नियम कानून व्यवस्था का पालन नहीं हो रहा है जिससे सरकार की बेहतरीन कार्यशैली को सिर्फ और सिर्फ जनता के बीच नौटंकी का खेल सा दिख रहा है डिलीवरी रूम के प्रवेश द्वार पर जहां 24 घंटा सुरक्षा की दृष्टि से चौकीदार अथवा अन्य कोई कर्मचारी तैनात होना चाहिए उसकी जगह यहां लावारिस कुत्ते अपनी मौज-मस्ती छानते अपना आशियाना बनाए हुए हैं और कभी भी कोई अप्रिय घटना डिलीवरी रूम में घुसकर यह कुत्ते कर सकते हैं बताते चलें धड़ल्ले से डॉक्टरों द्वारा अपने चहेते मेडिकल स्टोर के प्राइवेट दुकानदारों को सरकारी अस्पताल से दबाए ना देकर बाहर से मरीजों को खरीदने को विवश होना पड़ रहा है इसको लेकर पिछले दिनों कई वीडियो वायरल हुए थे जिस संबंध में यहां के प्रभारी अधिकारी डॉ ओपी राठौर ने इन डॉक्टरों की घोर अनियमितता को लेकर कार्यवाही हेतु जिले के आला अधिकारियों को लिखकर कार्यवाही का भरोसा दिलवाया था लेकिन प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से लेकर सीएमओ झांसी को घोर अनियमितताओं को लेकर पूरी जानकारी होने के बाद भी जानबूझकर गुरसरांय सरकारी अस्पताल में अबव्यवस्था फैलाई जा रही है तो दूसरी ओर महीनों पहले निर्माण हो चुके 20 बेड का भवन का शुभारंभ अभी तक नहीं किया गया है अगर अनियमितताओं की ओर नजर डाली जाए तो ऑनलाइन वैक्सिंग से लेकर कई दर्जनों अवस्थाएं यहां पर हैं जिसके चलते सिर्फ और सिर्फ गुरसरांय अस्पताल इमरजेंसी में भी रेफर सेंटर और अस्पताल के नाम से शोपीस बनकर रह गया है जिससे प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं का धरातल पर आम लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है और जनता के बीच सरकार की छवि पर बट्टा लग रहा है कस्बे के जागरूक लोगों ने इस संबंध में कार्यवाही की पहले की है।

झाँसी उत्तर प्रदेश

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