June 4, 2020

हरी मिर्ची जितनी तीखी लगेगी हेमा मालिनी

कहते हैं कि प्यार में कुछ गलत और सही नहीं होता… बस होता है तो केवल प्यार…प्यार में न धर्म दिखाई पड़ता है न जाति… उम्र के फासले भी नहीं दिखाई पड़ते। एक ऐसी ही कहानी के साथ डायरेक्टर रमेश सिप्पी एक बार फिर हाजिर।

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शोले जैसी फिल्में बना चुके रमेश सिप्पी लंबे समय बाद फिल्म शिमला मिर्ची लेकर आये हैं जोकि ट्रायएंगल लव पर आधारित है। फिल्म में 71 साल की हेमा मालिनी, रकुल प्रीत सिंह, और राजकुमार राव है।

फिल्म की कहानी इन्हीं तीनों के इर्द-गिर्द घूमती हैं। (shimla mirchi movie review in hindi ) अगर आप इस वीकेंड फिल्म देखने जा रहे हैं और चाहते हैं कि आपके पैसे न बर्बाद हो तो जान लिजिए कैसी है इस हफ्ते रिलीज हुई

फिल्म शिमला मिर्ची-फिल्म की कहानी कि बात करें तो एक लड़का है जिसका नाम अविनाश (राजकुमार राव) हैं। अविनाश लव मैरिज करना चाहता है जिसके लिए किसी लड़की से प्यार करना बेहद जरूरी है।

अविनाश को कई लड़किया पंसद आती है और लड़कियों को अविनाश भी पसंद आते हैं, लेकिन दोनों के बीच आ जाता है अविनाश का आई-लव यू बोलने का फोबीया। फिल्म में दिखाया गया है कि अविनाश को किसी लड़की को प्रपोज करने में काफी डर लगता है।

डर इतना ज्यादा है कि वह आई-लव-यू की जगह आई-लव माई इंडिया बोल कर भाग जाता है। एक दिन अविनाश की जिंदगी में नैना (रकुल प्रीत सिंह) की एंट्री होती है। दोनों के बीच दोस्ती होती है लेकिन अविनाश के लिए ये रिश्ता दोस्ती से ज्यादा होता है।

अविनाश नैना के दिल की बात जानना चाहता है लेकिन एक बार फिर उनका आई-लव-यू बोलने वाला फोबीया बीच में आ जाता है लेकिन इस बार अविनाश हार नहीं मानता और अपने दोस्त से राय लेता है

कि मैं नैना को कैसे अपने दिल की बात बताऊं? अविनाश का दोस्त कहता है कि अगर तुम बोल नहीं सकते तो लिख कर अपने दिल की बात बोल दो। अविनाश को ये बात पसंद आती है और वह एक प्यार भरा लेटर लिखता है

और नैना के घर पोस्ट कर देता है। ये लेटर नैना की मां रुक्मणी (हेमा मालिनी) के हाथ लग जाता है। रुक्मणी फिल्म में सिंगल मदर है तो उनको लगता है ये लेटर अविनाश ने उनके लिए लिखा है जबकि अविनाश ने लेटर नैना के लिए